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Poetry that I liked

A Question

by Robert Frost

A voice said, Look me in the stars
And tell me truly, men of earth,
If all the soul-and-body scars
Were not too much to pay for birth.


जो बीत गई सो बात गई

by हरिवंश राय बच्चन

जीवन में एक सितारा था
माना वह बेहद प्यारा था
वह डूब गया तो डूब गया
अम्बर के आनन को देखो
कितने इसके तारे टूटे
कितने इसके प्यारे छूटे
जो छूट गए फिर कहाँ मिले
पर बोलो टूटे तारों पर
कब अम्बर शोक मनाता है
जो बीत गई सो बात गई